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जब डूब रही थी जिंदगी, फरिश्ता बनकर नहर में कूद पड़े दो छात्र, मौत के मुंह से जिंदगी खींच लाए कृष्णा-सद्दाम, एसपी ने किया सम्मानित

आशुतोष मिश्रा महराजगंज 12 Sep 2026, 06:51 AM 138 व्यूज
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प्रभात लाइव, महराजगंज। कहते हैं, असली बहादुरी वह नहीं जो ताकत दिखाए, बल्कि वह है जो किसी की जिंदगी बचाने के लिए खुद खतरे में उतर जाए। महराजगंज के निचलौल क्षेत्र में कक्षा 10 के दो छात्रों ने ऐसा ही साहस दिखाकर इंसानियत की मिसाल पेश की।

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एक महिला ने नहर में छलांग लगा दी। तेज बहाव के बीच महिला को डूबता देख मसीह सेवाश्रम इंटर कॉलेज के छात्र कृष्णा गुप्ता और सद्दाम हुसैन ने पलभर भी नहीं सोचा और नहर में उतर गए। दोनों छात्रों ने अपनी जान जोखिम में डालकर महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

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कृष्णा गुप्ता ग्राम सेखुई, थाना चौक तथा सद्दाम हुसैन ग्राम कोहडवल, थाना निचलौल के निवासी बताए गए हैं। पुलिस टीम के मौके पर पहुंचने से पहले ही दोनों छात्रों ने जिस तत्परता और साहस का परिचय दिया, उसने हर किसी का ध्यान खींचा।

इस साहसिक कार्य की जानकारी होने पर पुलिस प्रशासन ने दोनों छात्रों की सराहना की। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक महराजगंज शक्ति मोहन अवस्थी ने दोनों छात्रों को अपने कार्यालय बुलाकर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

एसपी ने कहा कि दोनों छात्रों ने संकट की घड़ी में जिस निस्वार्थ भावना से महिला की जान बचाई, वह समाज के लिए प्रेरणादायक है। उनका साहस दूसरे लोगों को भी मुश्किल समय में जरूरतमंद की मदद करने के लिए प्रेरित करता है।

छात्रों के सम्मान से उनके परिवार और विद्यालय में भी खुशी का माहौल है। एक ओर जहां दोनों की बहादुरी की चर्चा हो रही है, वहीं दूसरी ओर यह घटना यह संदेश भी देती है कि मुश्किल वक्त में मदद के लिए उठाया गया एक साहसी कदम किसी की पूरी जिंदगी बदल सकता है।

दो छोटे कदम नहर में उतरे थे, लेकिन लौटकर एक जिंदगी साथ ले आए। कृष्णा और सद्दाम का यह साहस शायद उनके लिए एक पल का फैसला था, मगर उस महिला के लिए पूरी जिंदगी की दूसरी शुरुआत बन गया।


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