गोरखपुर ब्यूरो प्रभारी।
गोरखपुर नगर निगम के इतिहास में गुरुवार का दिन महिला नेतृत्व के लिहाज से अहम साबित हुआ। करीब 29 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद नगर निगम को दूसरी महिला उपसभापति मिली हैं। वार्ड-80 राप्तीनगर की निर्विरोध पार्षद पूनम सिंह को कार्यकारिणी समिति की बैठक में सर्वसम्मति से उपसभापति चुन लिया गया।
महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उपसभापति पद के लिए पूनम सिंह के नाम का प्रस्ताव रखा गया, जिस पर सभी सदस्यों ने सहमति जताई। निर्विरोध चयन के साथ ही उन्होंने नगर निगम के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया। इससे पहले वर्ष 1997 में अमिता शर्मा इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला बनी थीं। लगभग तीन दशक बाद किसी महिला को यह जिम्मेदारी मिलने से नगर निगम में महिला नेतृत्व को नई मजबूती मिली है।
पूनम सिंह पहले ही वार्ड-80 राप्तीनगर से निर्विरोध पार्षद चुनी जा चुकी हैं। यही वार्ड महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव का भी है। अब उपसभापति के रूप में उन्हें सदन की कार्यवाही के संचालन, विकास योजनाओं के समन्वय और जनहित से जुड़े प्रस्तावों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद पूनम सिंह ने कार्यकारिणी समिति के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य राजनीति नहीं, बल्कि शहर का विकास और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी पार्षदों के सहयोग से नगर निगम की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाया जाएगा तथा जनसमस्याओं के त्वरित समाधान को प्राथमिकता दी जाएगी।
बैठक में मौजूद महापौर और कार्यकारिणी समिति के सदस्यों ने उन्हें बधाई देते हुए विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में नगर निगम विकास कार्यों को नई गति देगा। साथ ही यह चयन स्थानीय निकायों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व क्षमता का भी मजबूत संदेश माना जा रहा है।
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