नवलपरासी उद्योग वाणिज्य संघ की नई कार्यकारिणी ने कस्टम अधिकारियों संग की बैठक, सीमा व्यापार के आधुनिकीकरण पर हुई चर्चा
महराजगंज/प्रभात लाइव।
भारत-नेपाल सीमा पर व्यापारिक गतिविधियों को अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में नवलपरासी उद्योग वाणिज्य संघ की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी ने रविवार को महेशपुर कस्टम कार्यालय का दौरा कर कस्टम अधिकृत विकास उपाध्याय के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में महेशपुर कस्टम कार्यालय को बड़े कस्टम कार्यालय का दर्जा देने, क्वारंटाइन कार्यालय की स्थापना तथा आधुनिक आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
बैठक में नेपाल उद्योग महासंघ, काठमांडू के केंद्रीय सदस्य सुरकृष्ण वैद्य, केन्द्रीय सदस्य केशव प्रसाद भंडारी, संस्थापक अध्यक्ष गुणनिधि तिवारी, नवनिर्वाचित अध्यक्ष नागेन्द्र अग्रहरी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश गुप्ता, कोषाध्यक्ष गिरिराज पाण्डेय सहित संघ के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
संघ के अध्यक्ष नागेन्द्र अग्रहरी ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा पर व्यापार लगातार बढ़ रहा है, लेकिन महेशपुर कस्टम कार्यालय अभी भी सीमित संसाधनों के साथ संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा कि इसे बड़े कस्टम कार्यालय का दर्जा देकर यहां पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती, आधुनिक स्कैनिंग प्रणाली, माल भंडारण, पार्किंग, दस्तावेजीकरण और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए, जिससे दोनों देशों के व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा।
बैठक में क्वारंटाइन कार्यालय की स्थापना का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। नागेन्द्र अग्रहरी ने बताया कि क्वारंटाइन सुविधा के अभाव में कृषि एवं अन्य उत्पादों के आयात-निर्यात में व्यापारियों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पूर्व गृहराज्य मंत्री देवेन्द्र राज कंडेल इस कार्यालय की स्थापना के लिए भूमि उपलब्ध कराने पर सहमति जता चुके हैं और अब संबंधित विभागों से आवश्यक स्वीकृति दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
कस्टम अधिकृत विकास उपाध्याय ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि महेशपुर-ठूठीबारी सीमा नाके को चरणबद्ध तरीके से आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। सड़क चौड़ीकरण के बाद आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुगम हुआ है तथा भविष्य में कस्टम क्षेत्र में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का और विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य व्यापारियों को सरल, पारदर्शी एवं सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराना, वैध व्यापार को बढ़ावा देना तथा तस्करी पर प्रभावी रोक लगाना है।
बैठक के दौरान भारत और नेपाल के बीच वर्षों पुराने 'रोटी-बेटी' के संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया। उद्योग वाणिज्य संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि सीमा व्यापार के विकास से दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
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