निचलौल/महराजगंज। विकास खंड निचलौल परिसर में मंगलवार को विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सिसवा विधायक प्रेम सागर पटेल रहे। अध्यक्षता खंड विकास अधिकारी संतोष यादव ने की, जबकि संचालन अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी शिवेंद्र प्रताप सूर्यवंशी ने किया। सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) गुड्डू प्रसाद सहित विकास खंड के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
सम्मेलन में ग्राम प्रधान, प्रशासक, ग्राम सचिव, तकनीकी सहायक, रोजगार सेवक, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, क्षेत्र पंचायत सदस्य सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं कर्मचारियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायतों के समग्र विकास, ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देने तथा टिकाऊ और उपयोगी परिसंपत्तियों के निर्माण के प्रति जनप्रतिनिधियों को जागरूक करना रहा। इस दौरान मिशन के उद्देश्यों, प्रमुख प्रावधानों और ग्राम पंचायतों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।
सम्मेलन में कार्यों की चार प्रमुख श्रेणियों—जल सुरक्षा, ग्रामीण बुनियादी ढांचा, आजीविका संबंधी परिसंपत्तियां तथा आपदा प्रबंधन एवं जलवायु अनुकूलन—की जानकारी दी गई। जल सुरक्षा के तहत वर्षा जल संरक्षण, तालाबों के संरक्षण एवं गहरीकरण, चेक डैम, खेत-तालाब और भूजल पुनर्भरण जैसे कार्यों के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
ग्रामीण बुनियादी ढांचे के अंतर्गत स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप उपयोगी एवं गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक परिसंपत्तियों के निर्माण पर जोर दिया गया। वहीं आजीविका संबंधी परिसंपत्तियों के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आय के स्थायी अवसर विकसित करने तथा बाढ़, जलभराव, कटान और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से ग्राम पंचायतों को सुरक्षित बनाने पर विशेष बल दिया गया।
वक्ताओं ने ग्राम प्रधानों से ग्राम सभा की सक्रिय सहभागिता के साथ स्थानीय जरूरतों के आधार पर विकास कार्यों का चयन करने, उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने तथा विभिन्न योजनाओं के अभिसरण से ग्राम पंचायतों के समग्र विकास की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि विकास का उद्देश्य केवल कार्यों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसी गुणवत्तापूर्ण, उपयोगी और टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण करना है, जिनका लाभ वर्तमान के साथ आने वाली पीढ़ियों को भी मिल सके।
अंत में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर ग्राम पंचायतों के निर्माण तथा विकसित भारत के संकल्प को ग्राम स्तर तक साकार करने के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता व्यक्त की।
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