महराजगंज। कन्नौज में 10 किलो सोना बरामद होने के बाद भारत-नेपाल सीमा से जुड़े कथित तस्करी नेटवर्क की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आने का दावा किया जा रहा है। कस्टम विभाग की शुरुआती जांच के मुताबिक, करीब तीन माह के भीतर नेपाल से भारत में लगभग 100 किलो सोना छह अलग-अलग खेपों में पहुंचाए जाने की आशंका जताई गई है। जांच एजेंसियों के अनुसार, कथित नेटवर्क में ठूठीबारी-महेशपुर सीमा से लेकर दिल्ली तक वाहनों और लोगों की आवाजाही अहम कड़ी हो सकती है।
चालान की लंबी फेहरिस्त, फिर भी जारी रही आवाजाही
जांच में यूपी56BC 2576 नंबर की सफेद ब्रेजा कार विशेष रूप से जांच के दायरे में बताई जा रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 29 जून से 30 जुलाई के बीच इस वाहन का ओवरस्पीड के आरोप में 22 बार चालान हुआ। इनमें उन्नाव में नौ, मथुरा में छह, रामपुर और बाराबंकी में दो-दो तथा दिल्ली और आगरा में एक-एक चालान बताए जा रहे हैं।
एक ही महीने में अलग-अलग जिलों में इतनी बार चालान होने के बावजूद वाहन की आवाजाही जारी रही। यही वजह है कि अब जांच एजेंसियां वाहन की गतिविधियों, उसके मालिकाना हक और आवागमन के रिकॉर्ड को खंगाल रही हैं।
21 अगस्त की सीमा पार गतिविधि भी जांच में
जांच में यह बात भी सामने आने का दावा है कि 21 अगस्त की सुबह करीब 9:36 बजे यही वाहन महेशपुर बॉर्डर से नेपाल की ओर गया था। कार के पंजीकरण और उसके कथित दस्तावेजों को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि वाहन नेपाल के नवलपरासी जिले के महेशपुर निवासी का है, जबकि भारतीय क्षेत्र में इसके खरीद दस्तावेजों को लेकर भी जांच की जा रही है। दस्तावेज कूटरचित हैं या वैध, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
छह खेपों में 100 किलो सोने का दावा
कस्टम की शुरुआती पड़ताल में तीन माह के दौरान छह खेपों में करीब 100 किलो सोना भारत लाए जाने की बात सामने आई है। कथित तौर पर नेपाल से सोना भारत लाने के बाद उसे ठूठीबारी क्षेत्र से आगे दिल्ली और अन्य शहरों तक पहुंचाया जाता था। इसके एवज में वाहन चालकों अथवा सप्लाई करने वालों को प्रत्येक चक्कर में एक से दो लाख रुपये दिए जाने की बात भी जांच में सामने आने का दावा किया गया है।
मामले में महराजगंज निवासी संदीप जायसवाल और नेपाल निवासी सरोज पंथ की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ जारी है। दोनों को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी है। पूछताछ में कथित तौर पर सोना उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति के बारे में भी जानकारी मिलने की बात कही जा रही है।
अब सवाल सीमा निगरानी पर
इस पूरे मामले ने भारत-नेपाल सीमा पर निगरानी व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि जांच में तीन माह के भीतर करीब 100 किलो सोने की छह खेपों का दावा सही साबित होता है, तो यह जानना अहम होगा कि इतनी बड़ी गतिविधि सीमा से लेकर देश के अन्य हिस्सों तक कैसे चलती रही।
फिलहाल कस्टम और अन्य एजेंसियां वाहन की आवाजाही, दस्तावेज, सीमा पार गतिविधियों और कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। 22 चालानों के बाद भी लगातार दौड़ती रही संदिग्ध ब्रेजा अब इस पूरे मामले की जांच में अहम कड़ी बनती नजर आ रही है। हालांकि सोने की खेपों और तस्करी नेटवर्क से जुड़े सभी दावों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
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