महराजगंज। नेपाल में आकस्मिक बाढ़ की सूचना और नारायणी नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। गुरुवार को जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल और पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने नारायणी नदी क्षेत्र में पहुंचकर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने नदी के जलस्तर, तटीय क्षेत्रों की स्थिति तथा संभावित बाढ़ के खतरे को लेकर मौके पर मौजूद अधिकारियों से जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी प्रशांत कुमार तथा निचलौल उपजिलाधिकारी सिद्धार्थ कुमार गुप्ता भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने नदी के आसपास के संवेदनशील एवं निचले इलाकों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए। साथ ही ग्रामीणों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि नारायणी नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जाए। नदी के किनारे बसे गांवों और निचले क्षेत्रों में तैनात कर्मचारियों को सक्रिय रखा जाए तथा जलस्तर में किसी भी प्रकार की वृद्धि होने पर तत्काल उच्चाधिकारियों को सूचना दी जाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित रखी जाएं।
पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने पुलिस अधिकारियों को नदी एवं तटवर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की सक्रियता बढ़ाई जाए और ग्रामीणों को नदी के आसपास अनावश्यक रूप से जाने से रोका जाए।
प्रशासन की ओर से ग्रामीणों से भी अपील की गई कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन और पुलिस को सूचना दें। अधिकारियों ने कहा कि बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
निरीक्षण के दौरान राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद रहे।
महराजगंज में बढ़ी सतर्कता
नेपाल में आई इस आपदा का असर सीमावर्ती भारतीय क्षेत्रों पर भी पड़ने की आशंका को देखते हुए महराजगंज प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल और पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने नारायणी नदी क्षेत्र में पहुंचकर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान अपर जिलाधिकारी प्रशांत कुमार और निचलौल उपजिलाधिकारी सिद्धार्थ कुमार गुप्ता भी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने नदी के जलस्तर, तटीय क्षेत्रों की स्थिति तथा निचले इलाकों में संभावित खतरे की जानकारी ली। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को 24 घंटे निगरानी रखने, संवेदनशील गांवों में सतर्कता बढ़ाने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
अभी तक कोई कमेंट नहीं है। पहला कमेंट आप करें!